🗓️ Updated on: February 2, 2026
शिक्षा समाज का आधार है, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाती है और भविष्य का निर्माण करती है। शिक्षा हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 2009 में शिक्षा का अधिकार कानून (RTE-Right To Education) लागू किया था। उत्तर प्रदेश में यह अधिनियम के UP RTE के नाम से जाना जाता है। यह कानून देश के सभी बच्चों को 6 से 14 साल की उम्र के बीच निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस कानून का कार्यान्वयन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां की विशाल आबादी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
यदि आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और अपने बच्चे को UP RTE के तहत दाखिला दिलाना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए है। इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ कर आप यह जान और समझ पायेंगे कि UP RTE क्या है, स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया क्या है, आनलाइन आवेदन कैसे करें, आवेदन के लिये दस्तावेज क्या चाहिये, किस स्कूल के लिये आवेदन करें, बच्चे का एडमिशन हो जाने के बाद की प्रक्रिया क्या है इत्यादि जानकारी सरल और आसान शब्दों में उपलब्ध है।
Table of Contents
ToggleUP RTE क्या है?
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) भारत में एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे भारतीय संसद ने 4 अगस्त, 2009 को पारित किया और यह 1 अप्रैल, 2010 से लागू हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है। इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21-ए के तहत एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गई है।
आर्थिक असमानता के चलते, कई बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहना पड़ता है। इसी चुनौती का सामना करते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने राइट टू एजुकेशन (UP RTE) अधिनियम को लागू किया। इस अधिनियम के तहत सरकारी एवं मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिये नि:शुल्क शिक्षा का प्राविधान है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत प्रवेश RTE के तहत लेना अनिवार्य किया गया है।
UP RTE कानून की प्रमुख विशेषताएं
UP RTE अधिनियम (कानून) की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है –
- यह अधिनियम 6 से 14 साल के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है।
- सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में बच्चों को पूरी तरह से मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है।
- सभी निजी स्कूलों में 25% सीटें गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं।
- किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी सामग्री का खर्च सरकार द्वारा उठाया जाता है।
- इस अधिनियम के तहत प्री-प्राईमरी (LKG, UKG) और कक्षा एक में दाखिले का प्राविधान है।
- सभी बच्चों को समान स्तर की शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मानक बनाए रखती है।
- यदि कोई बच्चा किसी कारण से स्कूल नहीं जा पाता है, तो उसे स्कूल फिर से दाखिला लेने का अधिकार है।
- शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम बच्चे भी आरटीई के तहत दाखिला ले सकते हैं और उन्हें उनकी जरूरतों के अनुसार विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
- आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से उपलब्ध है और पूरी तरह से पारदर्शी है।
- अगर कोई स्कूल आरटीई नियमों का पालन नहीं करता है या किसी बच्चे को दाखिला देने से मना करता है, तो माता-पिता या अभिभावक संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
UP RTE में दाखिले के लिये आवश्यक दस्तावेज
UP RTE में दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन के तहत होती है ।ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज की जरुरत होती है।
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- बच्चे का एक फोटो
- माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड
- आय प्रमाण पत्र (दुर्बल वर्ग के लिए)
- जाति प्रमाण पत्र (केवल पिछड़ा वर्ग/अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए)
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक (माता/पिता)
- मोबाइल नंबर
नोट: 1- बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
वर्ष- 2026 में प्रवेश हेतू समय सारणी (Admission Schedule – 2026)
UP RTE के तहत वर्ष- 2026 में प्रवेश हेतू समय सारणी (Admission Schedule – 2026) इस प्रकार है-
| चरण | आवेदन करने की तिथियाँ | जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वाराआवेदन पत्र का सत्यापन कर लॉक करने की अंतिम तिथि |
लाटरी निकालने की तिथि |
बी एस ए द्वारा बच्चों का मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रवेशित कराये जाने का दिनांक |
| प्रथम | 02 Feb 2026 – 16 Feb 2026 | 02 Feb 2026 – 16 Feb 2026 | 18 Feb 2026 | 20 Feb 2026 |
| द्वितीय | 21 Feb 2026 – 07 March 2026 | 21 Feb 2026 – 07 March 2026 | 09 March 2026 | 11 March 2026 |
| तृतीय | 12 March -25 March 2026 | 12 March -25 March 2026 | 27 March 2026 | 29 March 2026 |
आयु सीमा (Age Criteria)
UP RTE में प्रवेश हेतू बालक / बालिका की आयु निम्नवत निर्धारित की जायेगी।
- नर्सरी (Nursery): 3 वर्ष या उससे अधिक किंतु 4 वर्ष से कम।
- एल के जी (LKG): 4 वर्ष या उससे अधिक किंतु 5 वर्ष से कम।
- यू. के. जी (UKG): 5 वर्ष या उससे अधिक किंतु 6 वर्ष से कम।
- कक्षा-1(Class-1) : 6 वर्ष या उससे अधिक किंतु 7 वर्ष से कम।
आयु की गणना शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ होने के दिनांक 01अप्रैल को की जायेगी।
UP RTE में ऑनलाइन आवेदन
UP RTE में दाखिले के लिये आवेदन केवल ऑनलाइन तरीके से ही किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिये आप अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र (सी एस सी) से सहायता ले सकते है।ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण होते है।
- सबसे पहले आपको UP RTE के आधिकारिक बेवसाइट https://rte25.upsdc.gov.in/ पर जाना होगा।
- Online Application/Student login बटन पर क्लिक करने पर एक रजिस्ट्रेशन पेज खुलता है।
- रजिस्ट्रेशन पेज पर मांगी गयी आवश्यक सुचनाओं को दर्ज करके Register बटन पर क्लिक करें।
- अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर ले या Student Registration Slip प्रिंट कर लें।
- अब ऑवेदन पूरा करने के लिये Complete the Form बटन पर क्लिक करें। फार्म का अगला भाग खुलेगा।
- फार्म के इस भाग में मांगी गयी आवश्यक सुचनाओं को दर्ज करें।
- समस्त वांचित जानकारी भरने के बाद फोटो व अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। इमेज का साइज अधिकतम १०० केबी तक होना चाहिए।
- निर्धारित साइज में सभी इमेज फाइल सिलेक्ट कर ले के बाद Click here to upload All Images बटन पर क्लिक करें।
- भरे गये फार्म का Preview देख लें , यदि कोई परिवर्तन वांछित है या करना चाहते है तो Edit बटन पर क्लिक करके सूचनाओं को सही किया जा सकता है।
- आवेदन फार्म की जांच कर लेने के बाद यदि किसी परिवर्तन की आवश्यकता नही है अर्थात फार्म सही है तो Lock and Final Print बटन पर क्लिक करके फार्म को प्रिंट कर लें।
- फार्म Lock हो जाने के बाद किसी प्रकार परिवर्तन सम्भव नही है।
आवेदन करते समय ध्यान देने योग्य तथ्य
UP RTE का आवेदन ऑनलाइन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान देना आवश्यक है।
- बच्चे की जन्मतिथि को दर्ज करते ही उसकी आयु के अनुसार पोर्टल स्वत: निर्धारित कर देता है कि बच्चा किस कक्षा में पढ़ने की आयु रखता है। अर्थात जन्मतिथि के अनुसार कक्षा स्वत: निर्धारित हो जाती है।
- यदि बच्चे की उम्र कम या ज्यादा है तो कोई कक्षा निर्धारित नही होगी।
- केवल प्री- प्राइमरी और कक्षा एक में प्रवेश होता है।
- आप जो भी वार्ड या क्षेत्र चुनेंगे उसी वार्ड/क्षेत्र के मान्यता प्राप्त विद्यालयो के नाम लिस्ट में दिखाई देंगे।
- आप एक से अधिक स्कूलों को चुन सकते हैं, जिससे आपके बच्चे के लिए दाखिले की संभावना बढ़ सकती है।
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UP RTE में चयन प्रक्रिया (Selection Process)
UP RTE में चयन प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली पर आधारित है। सभी योग्य आवेदको को एक नंबर उपलब्ध कराया जाता है। इस नंबर को कम्प्यूटर में डाला जाता है। विद्यालय में RTE के लिये कुल उपलब्ध सीटों की संख्या के सापेक्ष कम्प्यूटर के द्वारा आवेदको का चयन कर लिया जाता है। यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह कम्पूटरीकृत और स्वचालित होती है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, परिणामUP RTE पोर्टल और संबंधित स्कूलों में प्रदर्शित किए जाते हैं। आप अपने पंजीकरण नंबर का उपयोग करके अपनी लॉटरी स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
यदि आपके बच्चे का नाम लॉटरी में निकलता है, तो स्कूल आपको दाखिला प्रक्रिया पूरी करने के लिए सूचित करेगा। इसमें आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन, और अन्य औपचारिकताएं शामिल हो सकती हैं। दाखिला पुष्टिकरण के लिए निर्धारित समय सीमा का ध्यान रखें। अगर समय पर पुष्टिकरण नहीं किया जाता है, तो आपकी आवंटित सीट रद्द करके किसी दूसरे बच्चे को दिया जा सकता है।
सहायता पटल (Help Desk)
| आधिकारिक बेवसाईट | https://rte25.upsdc.gov.in |
| टोल फ्री नंबर |
0522-2782853 1800-180-6111 |
| नजदीकी सम्पर्क कार्यालय | जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय |
| होम पेज | यहाँ क्लिक करें |
सारांश (Conclusion)
UP RTE अधिनियम एक क्रांतिकारी कदम है, जिसने शिक्षा को अब केवल विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर बच्चे का मौलिक अधिकार बना दिया है। यह अधिनियम सामाजिक असमानता को कम करने, गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को सशक्त बनाने और सभी के लिए समृद्ध भविष्य का निर्माण करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आरटीई के तहत, हर बच्चे को 6 से 14 साल की उम्र के बीच मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है। निजी स्कूलों में 25% आरक्षित सीटों के साथ, यह सुनिश्चित किया जाता है कि आर्थिक पृष्ठभूमि किसी बच्चे की शिक्षा के रास्ते में बाधा न बने।
हालाँकि, इस क्रांतिकारी अधिनियम को पूरी तरह से लागू करने और हर बच्चे तक इसका लाभ पहुँचाने में अभी भी कई चुनौतियाँ मौजूद हैं। लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना ये कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें मिलकर UP RTE को और सफल बनाने का प्रयास करना चाहिए। सरकार को सख्त नियम बनाकर और निगरानी बढ़ाकर इस अधिनियम के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना चाहिए।
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समापन (Ending)
UP RTE अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि एक उम्मीद है। यह उम्मीद है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हर बच्चे को शिक्षा का समान अवसर मिलेगा और हर घर ज्ञान के उजाले से जगमगाएगा। इस आर्टिकल में UP RTE अधिनियम के संपूर्ण आवश्यक जानकारी को प्रस्तुत करने का यथा संभव प्रयास किया है , आशा है आप इस जानकारी को पढ़कर अवश्य लाभांवित हुये होंगे और दुसरों को भी लाभांवित कर पायेंगे। अंत तक इस जानकारी युक्त लेख को पढ़ने के लिये बहुत – बहुत धन्यवाद।
सामान्य प्रश्नोत्तर (FAQs)
RTE – एक्ट (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) 1 अप्रैल, 2010 को लागू हुआ।
नही, RTE-एक्ट के तहत केवल एक विद्यालय में प्रवेश ले सकते है।
निजी स्कूलों में कुल सीटों में से 25% गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं।
नही, RTE-एक्ट के तहत केवल प्राईवेट स्कूलों में प्रवेश लिया जा सकता है।
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